रागम्: सावेरी (मेलकर्त 15, माया मालव गौल)स्वर स्थानाः: षड्जम्, काकली निषादम्, शुद्ध धैवतम्, पञ्चमम्, शुद्ध मध्यमम्, अन्तर गान्धारम्, शुद्ध ऋषभम्, षड्जम्आरोहण: स रि1 . . . म1 . प द1 . . . स’अवरोहण: स’ नि3 . . द1 प . म1 ग3 . . रि1 स
तालम्: चतुस्र जाति रूपक तालम्अङ्गाः: 1 धृतम् (2 काल) + 1 लघु (4 काल)
रूपकर्त: पुरन्धर दासभाषा: संस्कृतम्
साहित्यम् जनक सुत कुच कुङ्कुम पङ्कितलाञ्चनु रे रे बलिहरुरे खग वाहन काञ्चीपुरि निलया करि रक्षक भुज विक्रम कामित फल दायक करि वरदा कल्याण पेरुन्देवी मनोहरुरे करिगिरि निवासुरे
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