रागम्: काम्भोजी (मेलकर्त 28, हरिकाम्भोजी)
स्वर स्थानाः: षड्जम्, कैशिकी निषादम्, चतुश्रुति धैवतम्, पञ्चमम्, शुद्ध मध्यमम्, अन्तर गान्धारम्, चतुश्रुति ऋषभम्, षड्जम्
आरोहण: स . रि2 . ग3 म1 . प . द2 . . स’
अवरोहण: स’ . नि2 द2 . प . म1 ग3 . रि2 . स (स’ नि3 . . . प . म1 ग3 . रि2 . स)
तालम्: चतुस्र जाति त्रिपुट तालम् (आदि)
अङ्गाः: 1 लघु (4 काल) + 1 धृतम् (2 काल) + 1 धृतम् (2 काल)
रूपकर्त: पैडल गुरुमूर्ति शास्त्रि
भाषा: संस्कृतम्
साहित्यम्
मन्दर धाररे मोक्षमु रारे
दैत्यकुलान्तक पावन मूर्ते
पदशुभरेख मकुटमयूर
आ. आ.
दैत्यकुलान्तक पावन मूर्ते
पदशुभरेख मकुटमयूर
स्वराः
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