रामदासु कीर्तनाः

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रागम्: मध्यमावतितालम्: झंप पाहिरामप्रभो पाहिरामप्रभोपाहिभद्राद्रि वैदेहिरामप्रभो ॥ पाहिरामप्रभो ॥ श्रीमन्महागुणस्तोमाभिराम मीनामकीर्तनलु वर्णिंतु रामप्रभो ॥ 1 ॥ पाहिरामप्रभो ॥ सुंदराकार हृन्मंदिरोद्धार सीतेंदिरा संयुतानंद रामप्रभो ॥ 2...
तक्कुवेमि मनकू रामुं-डॊक्कडुंडु वरकू प्रक्कतोडुगा भगवंतुडुमन चक्रधारियै चॆंतनॆ उंडगा ॥ 1 ॥ तक्कुवेमि मनकू ॥ म्रुच्चुसोमकुनि मुनु जंपिन आमत्समूर्ति मनपक्षमुनुंडगा ॥ 2 ॥ तक्कुवेमि मनकू...
रागम्: धन्यासितालम्: आदि तारक मंत्रमु कोरिन दॊरिकॆनुधन्युडनैतिनि ओरन्ना ॥ पल्लवि ॥ मीरिन कालुनि दूतलपालिटिमृत्युवुयनि मदिनम्मुक युन्न ॥ अनुपल्लवि ॥ तारक मंत्रमु ॥ मच्चिकतो नितरांतरम्मुल मायललो...
रामचंद्राय जनकराजजा मनोहरायमामकाभीष्टदाय महित मंगलम् ॥ कोसलेशाय मंदहास दासपोषणायवासवादि विनुत सद्वरद मंगलम् ॥ 1 ॥ चारु कुंकुमो पेत चंदनादि चर्चितायहारकटक शोभिताय भूरि मंगलम् ॥ 2...
राम लाली मेघश्याम लालीतामरसा नयन दशरथ तनय लाली ॥ अच्चावदन आटलाडि अलसिनावुराबॊज्जलोपलरिगॆदाक निदुरपोवरा ॥ जोल पाडि जोकॊट्टितॆ आलकिंचॆवुचालिंचमरि ऊरुकुंटे संज्ञ चेसेवु ॥ ऎंतो ऎत्तु मरिगिनावु...
पाहिरामप्रभो पाहिरामप्रभो पाहि भद्राद्रि वैदेहि रामप्रभोश्रीमन्महा गुणस्तोममाभिराममीनाम कीर्तनलु वर्णिंतुरा रामप्रभो इंदिराहृदयारविंदाधिरूढ सुंदराकार सानंद रामप्रभोऎंदुनेजूड मीसुंदरानंदमुनु कंदुनोकन्नुलिंपपॊद श्रीरामप्रभोपुण्यचारित्रलावण्य कारुण्यगांभीर्यदाक्षिण्य श्रीरामचंद्रकंदर्पजनकनायंदुरंजलि सदानंदुंडु वै पूजलंदु रामप्रभो इंपुगा जॆवुलकुन्विंदु...
श्री रघुराम चारुतुल-सीतादलधाम शमक्षमादि शृंगार गुणाभिराम त्रिज-गन्नुत शौर्य रमाललाम दुर्वार कबंधराक्षस वि-राम जगज्जन कल्मषार्नवोत्तारकनाम! भद्रगिरि-दाशरथी करुणापयोनिधी. ॥ 1 ॥ रामविशाल विक्रम पराजित भार्गवराम सद्गुणस्तोम परांगनाविमुख...
ए तीरुग ननु दय चूचॆदवो, इन वंशोत्तम रामाना तरमा भव सागरमीदनु, नलिन दलेक्षण रामा श्री रघु नंदन सीता रमणा, श्रितजन पोषक रामाकारुण्यालय भक्त वरद निनु,...
पलुके बंगारमायॆना, कोदंडपाणि पलुके बंगारमायॆना पलुके बंगारमायॆ पिलचिना पलुकवेमिकललो नी नामस्मरण मरुव चक्कनि तंड्री ऎंत वेडिनगानि सुंतैन दयरादुपंतमु सेय नेनॆंतटिवाडनु तंड्री इरवुग इसुकलोन पॊरलिन उडुत...
इक्ष्वाकु कुलतिलक इकनैन पलुकवॆ रामचंद्रा नन्नुरक्षिंपकुन्ननु रक्षकुलॆवरिंक रामचंद्रा इ.. चुट्टुप्राकारमुलु सॊंपुग चेयिस्ति रामचंद्राआ प्राकारमुनकु बट्टॆ पदिवेल वरहालु रामचंद्रा ॥ 1 ॥ इक्ष्वाकु कुलतिलक ॥ गोपुरमंटपालु...