भारत मात

HomeKonkaniभारत मात
पल्लविचक्कॆर कलिपिन तिय्यनि कम्मनि तोडु पॆरुगु तॆलुगु,चक्कनि पलुकुल सॊबगुल नडकल हंस होयल बॆडगुनन्नय तिक्कन ऎर्रन पितिकिन आवु पाल पॊदुगुचदुवुल तल्लिकि सुमधुर शैलिकि पुट्टिनिल्लु तॆलुगु ॥च॥...
प्रकृत्या सुरम्यं विशालं प्रकामंसरित्तारहारैः ललामं निकामम् ।हिमाद्रिर्ललाटे पदे चैव सिंधुःप्रियं भारतं सर्वदा दर्शनीयम् ॥ 1 ॥ धनानां निधानं धरायां प्रधानंइदं भारतं देवलोकेन तुल्यम् ।यशो यस्य...
संपूर्णविश्वरत्नं खलु भारतं स्वकीयम् ।पुष्पं वयं तु सर्वे खलु देश वाटिकेयम् ॥ सर्वोच्च पर्वतो यो गगनस्य भाल चुंबी ।सः सैनिकः सुवीरः प्रहरी च सः स्वकीयः...
जातिकि ऊपिरि स्वातंत्र्यं, अदि ज्योतिग वॆलिगे चैतन्यंआ चैतन्यं निलिचिन नाडे समस्त जगतिकि सौभाग्यम् ॥ शिखरंला , प्रति मनिषी, शिरसॆत्तिन नाडे,जलनिधिला प्रति हृदयं अललॆत्तिन नाडे,मानव जीवन...
मन स्वतंत्र्य भारत केतनमुनॆत्ति नडुवराकटि बिगिंचि रिपुधाटिनि काल राचि निलुवरा ॥ आर्धिक समता घंटिक अल्लदिगो म्रोगॆनुराअंदरमॊक कुटुंबमै आनंदमु कनवलॆरा ॥ मतसमैक्यता निनादमे मनकु बलमुरागतचरित्र तलचि...
पल्लविचक्कॆर कलिपिन तिय्यनि कम्मनि तोडु पॆरुगु तॆलुगु,चक्कनि पलुकुल सॊबगुल नडकल हंस होयल बॆडगुनन्नय तिक्कन ऎर्रन पितिकिन आवु पाल पॊदुगुचदुवुल तल्लिकि सुमधुर शैलिकि पुट्टिनिल्लु तॆलुगु ॥च॥...
जय जय जय प्रिय भारत जनयित्री दिव्य धात्रिजय जय जय शत सहस्र नरनारी हृदय नेत्रि जय जय जय सुश्यामल सस्य चलच्चेलांचलजय वसंत कुसुम लता चलित...
देशमुनु प्रेमिंचुमन्नामंचि अन्नदि पॆंचुमन्नावट्टि माटलु कट्टिपॆट्टोय्गट्टि मेल् तलपॆट्टवोय् !पाडिपंटलुपॊंगि पॊर्लेदारिलो नुवु पाटु पडवोय्तिंडि कलिगितॆ कंड कलदोय्कंड कलवाडेनु मनिषोय् !ईसुरोमनि मनुषुलुंटेदेश मेगति बागुपडुनोय्जल्डुकॊनि कललॆल्ल नेर्चुकुदेशि सरुकुलु...
ए देशमेगिना ऎंदु कालॆडिनाए पीठमॆक्किना, ऎव्वरेमनिना,पॊगडरा नी तल्लि भूमि भारतिनि,निलपरा नी जाति निंडु गौरवमु. ए पूर्व पुण्यमो, ए योग बलमोजनियिंचिनाड वी स्वर्गखंडमुनए मंचिपूवुलन् प्रेमिंचिनावोनिनु मोचॆ...
सारे जहासॆ अच्छा हिंदुस्तान् हमाराहं बुल् बुले है इस्​के, ये गुल् सिता हमारा॥ परबत् वो सब् से ऊंछा हम्​साया आस्​मान् कावो संतरी हमारा ! वो...