संस्कृत गीतानि

जय जय जय प्रिय भारत जनयित्री दिव्य धात्रिजय जय जय शत सहस्र नरनारी हृदय नेत्रि जय जय जय सुश्यामल सस्य चलच्चेलांचलजय वसंत कुसुम लता चलित...
वंदेमातरंसुजलां सुफलां मलयज शीतलांसस्य श्यामलां मातरं ॥वंदे॥ शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनींपुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनींसुहासिनीं सुमधुर भाषिणींसुखदां वरदां मातरं ॥ वंदे ॥ कोटिकोटि कंठ कलकल निनादकरालेकोटि कोटि भुजैर् धृत...