भारत मात

जन गण मन अधिनायक जयहे,भारत भाग्य विधाता!पंजाब, सिंधु, गुजरात, मराठा,द्राविड, उत्कल, वंग!विंध्य, हिमाचल, यमुना, गंग,उच्चल जलधितरंग! तव शुभनामे जागे!तव शुभ आशिष मागे!गाहे तव जय गाथा!जनगण...
विजयी विश्वतिरंगा प्याराझंडा ऊंछा रहे हमारा ॥झंडा॥ सदा शक्ति बर्साने वालाप्रेम सुधा सर्साने वालावीरोंको हर्षाने वालामातृभूमिका तन् मन् सारा ॥झंडा॥ स्वतंत्रताकी भीषण रण् मेलग्​कर् बडॆ...
वंदेमातरंसुजलां सुफलां मलयज शीतलांसस्य श्यामलां मातरं ॥वंदे॥ शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनींपुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनींसुहासिनीं सुमधुर भाषिणींसुखदां वरदां मातरं ॥ वंदे ॥ कोटिकोटि कंठ कलकल निनादकरालेकोटि कोटि भुजैर् धृत...