विष्णु स्तोत्राणि
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June 21, 2024
॥ श्री विष्णु अष्टोत्तर शतनामस्तोत्रम् ॥ वासुदेवं हृषीकेशं वामनं जलशायिनम् ।जनार्दनं हरिं कृष्णं श्रीवक्षं गरुडध्वजम् ॥ 1 ॥ वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं नरकान्तकम् ।अव्यक्तं शाश्वतं विष्णुमनन्तमजमव्ययम्...
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June 21, 2024
ॐ कृष्णाय नमःॐ कमलनाथाय नमःॐ वासुदेवाय नमःॐ सनातनाय नमःॐ वसुदेवात्मजाय नमःॐ पुण्याय नमःॐ लीलामानुष विग्रहाय नमःॐ वत्स कौस्तुभधराय नमःॐ यशोदावत्सलाय नमःॐ हरिये नमः ॥ 10...
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June 21, 2024
ॐ कृष्णाय नमःॐ कमलानाथाय नमःॐ वासुदेवाय नमःॐ सनातनाय नमःॐ वसुदेवात्मजाय नमःॐ पुण्याय नमःॐ लीलामानुष विग्रहाय नमःॐ श्रीवत्स कौस्तुभधराय नमःॐ यशोदावत्सलाय नमःॐ हरये नमः ॥ 10...
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June 21, 2024
ॐ श्रीरामाय नमःॐ रामभद्राय नमःॐ रामचन्द्राय नमःॐ शाश्वताय नमःॐ राजीवलोचनाय नमःॐ श्रीमते नमःॐ राजेन्द्राय नमःॐ रघुपुङ्गवाय नमःॐ जानकीवल्लभाय नमःॐ जैत्राय नमः ॥ 10 ॥ ॐ...
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June 20, 2024
ॐ-विँष्णो॒र्नुकं॑-वीँ॒र्या॑णि॒ प्रवो॑चं॒ यः पार्थि॑वानि विम॒मे राजाग्ं॑सि॒ यो अस्क॑भाय॒दुत्त॑रग्ं स॒धस्थं॑-विँचक्रमा॒णस्त्रे॒धोरु॑गा॒यः ॥ 1 (तै. सं. 1.2.13.3)विष्णो॑र॒राट॑मसि॒ विष्णोः᳚ पृ॒ष्ठम॑सि॒ विष्णो॒-श्श्नप्त्रे᳚स्थो॒ विष्णो॒स्स्यूर॑सि॒ विष्णो᳚र्ध्रु॒वम॑सि वैष्ण॒वम॑सि॒ विष्ण॑वे त्वा ॥ 2 (तै....
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June 20, 2024
श्रीमत्पयोनिधिनिकेतन चक्रपाणे भोगीन्द्रभोगमणिराजित पुण्यमूर्ते ।योगीश शाश्वत शरण्य भवाब्धिपोत लक्ष्मीनृसिंह मम देहि करावलम्बम् ॥ 1 ॥ ब्रह्मेन्द्ररुद्रमरुदर्ककिरीटकोटि सङ्घट्टिताङ्घ्रिकमलामलकान्तिकान्त ।लक्ष्मीलसत्कुचसरोरुहराजहंस लक्ष्मीनृसिंह मम देहि करावलम्बम् ॥ 2 ॥...
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June 20, 2024
सत्यं ज्ञानमनन्तं नित्यमनाकाशं परमाकाशम् ।गोष्ठप्राङ्गणरिङ्खणलोलमनायासं परमायासम् ।मायाकल्पितनानाकारमनाकारं भुवनाकारम् ।क्ष्मामानाथमनाथं प्रणमत गोविन्दं परमानन्दम् ॥ 1 ॥ मृत्स्नामत्सीहेति यशोदाताडनशैशव सन्त्रासम् ।व्यादितवक्त्रालोकितलोकालोकचतुर्दशलोकालिम् ।लोकत्रयपुरमूलस्तम्भं लोकालोकमनालोकम् ।लोकेशं परमेशं प्रणमत गोविन्दं...
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June 20, 2024
नारायण नारायण जय गोविन्द हरे ॥नारायण नारायण जय गोपाल हरे ॥ करुणापारावार वरुणालयगम्भीर नारायण ॥ 1 ॥घननीरदसङ्काश कृतकलिकल्मषनाशन नारायण ॥ 2 ॥ यमुनातीरविहार धृतकौस्तुभमणिहार नारायण...
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June 20, 2024
कञ्जातपत्रायत लोचनाय कर्णावतंसोज्ज्वल कुण्डलायकारुण्यपात्राय सुवंशजाय नमोस्तु रामायसलक्ष्मणाय ॥ 1 ॥ विद्युन्निभाम्भोद सुविग्रहाय विद्याधरैस्संस्तुत सद्गुणायवीरावतारय विरोधिहर्त्रे नमोस्तु रामायसलक्ष्मणाय ॥ 2 ॥ संसक्त दिव्यायुध कार्मुकाय समुद्र गर्वापहरायुधायसुग्रीवमित्राय...
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June 20, 2024
अविनयमपनय विष्णो दमय मनः शमय विषयमृगतृष्णाम् ।भूतदयां विस्तारय तारय संसारसागरतः ॥ 1 ॥ दिव्यधुनीमकरन्दे परिमलपरिभोगसच्चिदानन्दे ।श्रीपतिपदारविन्दे भवभयखेदच्छिदे वन्दे ॥ 2 ॥ सत्यपि भेदापगमे नाथ तवाऽहं...
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