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June 19, 2024
सांबसदाशिव सांबसदाशिव सांबसदाशिव सांबशिव ॥ अद्भुतविग्रह अमराधीश्वर अगणितगुणगण अमृतशिव ॥ आनंदामृत आश्रितरक्षक आत्मानंद महेश शिव ॥ इंदुकलाधर इंद्रादिप्रिय सुंदररूप सुरेश शिव ॥ ईश सुरेश महेश...
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June 19, 2024
1. कलश प्रतिष्ठापन मंत्राः ब्रह्म॑जज्ञा॒नं प्र॑थ॒मं पु॒रस्ता॒-द्विसी॑म॒त-स्सु॒रुचो॑ वे॒न आ॑वः ।स बु॒ध्निया॑ उप॒मा अ॑स्य वि॒ष्ठा-स्स॒तश्च॒ योनि॒-मस॑तश्च॒ विवः॑ । नाके॑ सुप॒र्ण मुप॒यत् पतं॑तग्ं हृ॒दा वेनं॑तो अ॒भ्यच॑क्ष-तत्वा ।हिर॑ण्यपक्षं॒-वँरु॑णस्य...
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June 18, 2024
दोहाजै गणेश गिरिजासुवन ।मंगलमूल सुजान ॥कहातायोध्यादासतुम ।दे उ अभयवरदान ॥ चौपायिजै गिरिजापति दीनदयाल ।सदाकरत संतन प्रतिपाल ॥ भाल चंद्र मासोहतनीके ।काननकुंडल नागफनीके ॥ अंगगौर शिर...
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June 18, 2024
अथ चरणशृंगरहित श्री नटराज स्तोत्रं सदंचित-मुदंचित निकुंचित पदं झलझलं-चलित मंजु कटकम् ।पतंजलि दृगंजन-मनंजन-मचंचलपदं जनन भंजन करम् ।कदंबरुचिमंबरवसं परममंबुद कदंब कविडंबक गलम्चिदंबुधि मणिं बुध हृदंबुज रविं...
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June 18, 2024
येनेदं भूतं भुवनं भविष्यत् परिगृहीतममृतेन सर्वम् ।येन यज्ञस्तायते सप्तहोता तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ॥ 1॥ येन कर्माणि प्रचरंति धीरा यतो वाचा मनसा चारु यंति ।यत्सम्मितमनु संयंति...
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June 18, 2024
सर्वेशं परमेशं श्रीपार्वतीशं वंदेऽहं विश्वेशं श्रीपन्नगेशम् ।श्रीसांबं शंभुं शिवं त्रैलोक्यपूज्यं वंदेऽहं त्रैनेत्रं श्रीकंठमीशम् ॥ 1॥ भस्मांबरधरमीशं सुरपारिजातं बिल्वार्चितपदयुगलं सोमं सोमेशम् ।जगदालयपरिशोभितदेवं परमात्मं वंदेऽहं शिवशंकरमीशं देवेशम्...
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June 18, 2024
सर्वेशं परमेशं श्रीपार्वतीशं वंदेऽहं विश्वेशं श्रीपन्नगेशम् ।श्रीसांबं शंभुं शिवं त्रैलोक्यपूज्यं वंदेऽहं त्रैनेत्रं श्रीकंठमीशम् ॥ 1॥ भस्मांबरधरमीशं सुरपारिजातं बिल्वार्चितपदयुगलं सोमं सोमेशम् ।जगदालयपरिशोभितदेवं परमात्मं वंदेऽहं शिवशंकरमीशं देवेशम्...
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June 18, 2024
श्रीरामसौमित्रिजटायुवेद षडाननादित्य कुजार्चिताय ।श्रीनीलकंठाय दयामयाय श्रीवैद्यनाथाय नमःशिवाय ॥ 1॥ शंभो महादेव शंभो महादेव शंभो महादेव शंभो महादेव ।शंभो महादेव शंभो महादेव शंभो महादेव शंभो महादेव...
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June 18, 2024
सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चंद्रकलावतंसम् ।भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ॥ 1॥ श्रीशैलशऋंगे विबुधातिसंगे तुलाद्रितुंगेऽपि मुदा वसंतम् ।तमर्जुनं मल्लिकपूर्वमेकं नमामि संसारसमुद्रसेतुम् ॥ 2॥ अवंतिकायां विहितावतारं...
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June 18, 2024
कंठे यस्य लसत्करालगरलं गंगाजलं मस्तकेवामांगे गिरिराजराजतनया जाया भवानी सती ।नंदिस्कंदगणाधिराजसहिता श्रीविश्वनाथप्रभुःकाशीमंदिरसंस्थितोऽखिलगुरुर्देयात्सदा मंगलम् ॥ 1॥ यो देवैरसुरैर्मुनींद्रतनयैर्गंधर्वयक्षोरगै-र्नागैर्भूतलवासिभिर्द्विजवरैः संसेवितः सिद्धये ।या गंगोत्तरवाहिनी परिसरे तीर्थेरसंख्यैर्वृतासा काशी त्रिपुरारिराजनगरी देयात्सदा...
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