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रागम्: सावेरी (मेलकर्त 15, माया मालव गौल)स्वर स्थानाः: षड्जम्, काकली निषादम्, शुद्ध धैवतम्, पञ्चमम्, शुद्ध मध्यमम्, अन्तर गान्धारम्, शुद्ध ऋषभम्, षड्जम्आरोहण: स रि1 . . . म1 ....
रागम्: कल्याणी (मेलकर्त 65, मेचकल्याणी)स्वर स्थानाः: षड्जम्, चतुश्रुति ऋषभम्, अन्तर गान्धारम्, प्रति मध्यमम्, पञ्चमम्, चतुश्रुति धैवतम्, काकली निषादम्आरोहण: स . रि2 . ग3 . म2 प . द2...
रागम्: मोहनम् (मेलकर्त 28, हरिकाम्भोजि जन्यरागम्)स्वर स्थानाः: षड्जम्, चतुश्रुति ऋषभम्, अन्तर गान्धारम्, पञ्चमम्, चतुश्रुति धैवतम्आरोहण: स . रि2 . ग3 . . प . द2 . . स’अवरोहण: स’...
रागम्: शुद्ध सावेरी (मेलकर्त 29, धीर शङ्कराभरणं जन्यरागम्)स्वर स्थानाः: षड्जम्, चतुश्रुति ऋषभम्, शुद्ध मध्यमम्, पञ्चमम्, चतुश्रुति धैवतम्आरोहण: स . रि2 . . म1 . प . द2 ....
रागम्: मलहरि (मेलकर्त 15, मायामालव गौल जन्यरागम्)स्वर स्थानाः: षड्जम्, शुद्ध ऋषभम्, शुद्ध मध्यमम्, पञ्चमम्, शुद्ध धैवतम्आरोहण: स रि1 . . . म1 . प द1 . . ....
रागम्: मलहरि (मेलकर्त 15, मायामालव गौल जन्यराग)स्वर स्थानाः: षड्जम्, शुद्ध ऋषभम्, शुद्ध मध्यमम्, पञ्चमम्, शुद्ध धैवतम्आरोहण: स रि1 . . . म1 . प द1 . . ....
॥ पञ्चमः सर्गः ॥॥ साकाङ्क्षपुण्डरीकाक्षः ॥ अहमिह निवसामि याहि राधां अनुनय मद्वचनेन चानयेथाः ।इति मधुरिपुणा सखी नियुक्ता स्वयमिदमेत्य पुनर्जगाद राधाम् ॥ 31 ॥ ॥ गीतं...
रागम्: मलहरि (मेलकर्त 15, मायामालव गौल जन्यराग)स्वर स्थानाः: षड्जम्, शुद्ध ऋषभम्, शुद्ध मध्यमम्, पञ्चमम्, शुद्ध धैवतम्आरोहण: स रि1 . . . म1 . प द1 . . ....
रागम्: मलहरि (मेलकर्त 15, मायामालव गौल जन्यराग)स्वर स्थानाः: षड्जम्, शुद्ध ऋषभम्, शुद्ध मध्यमम्, पञ्चमम्, शुद्ध धैवतम्आरोहण: स रि1 . . . म1 . प द1 . . ....
॥ चतुर्थः सर्गः ॥॥ स्निग्धमधुसूदनः ॥ यमुनातीरवानीरनिकुञ्जे मन्दमास्थितम् ।प्राह प्रेमभरोद्भ्रान्तं माधवं राधिकासखी ॥ 25 ॥ ॥ गीतं 8 ॥ निन्दति चन्दनमिन्दुकिरणमनु विन्दति खेदमधीरम् ।व्यालनिलयमिलनेन गरलमिव...