ऎन्त मात्रमुन ऎव्वरु तलचिन, अन्तमात्रमे नीवुअन्तरान्तरमुलॆञ्चि चूड, पिण्डन्ते निप्पटि अन्नट्लु ॥ कॊलुतुरु मिमु वैष्णवुलु, कूरिमितो विष्णुडनिपलुकुदुरु मिमु वेदान्तुलु, परब्रह्मम्बनुचु ।तलतुरु मिमु शैवुलु, तगिन भक्तुलुनू शिवुडनुचुअलरि...
जगडपु चनुवुल जाजरसगिनल मञ्चपु जाजर ॥ मॊल्ललु तुरुमुल मुडिचिन बरुवुनमॊल्लपु सरसपु मुरिपॆमुन ।जल्लन पुप्पॊडि जारग पतिपै चल्ले पतिपैचल्ले रतिवलु जाजर ॥ भारपु कुचमुल पैपै कडु...
जो अच्युतानन्द जोजो मुकुन्दारावॆ परमानन्द राम गोविन्दा ॥ अङ्गजुनि गन्न मा यन्न यिटु राराबङ्गारु गिन्नॆलो पालु पोसेरा ।दॊङ्ग नीवनि सतुलु गॊङ्कुचुन्नारामुङ्गिट नाडरा मोहनाकार ॥ गोवर्धनम्बॆल्ल...
षोडश कलानिधिकि षोडशोपचारमुलुजाडतोड निच्चलुनु समर्पयामि ॥ अलरु विश्वात्मकुननु आवाहनमिदॆ सर्वनिलयुनकु आसनमु नॆम्मिनिदे ।अलगङ्गा जनकुनकु अर्घ्यपाद्य-अचमनालुजलधि शायिकिनि मज्जनमिदे ॥ वरपीताम्बरुनकु वस्त्रालङ्कारमिदॆसरि श्रीमन्तुनकु भूषणमुलिवे ।धरणीधरुनकु गन्धपुष्प धूपमुलुतिरमिदॆ...
कॊण्डललो नॆलकॊन्न कोनेटि रायडु वाडुकॊण्डलन्त वरमुलु गुप्पॆडु वाडु ॥ कुम्मर दासुडैन कुरुवरति नम्बिइम्मन्न वरमुलॆल्ल इच्चिनवाडु ।दॊम्मुलु सेसिन यट्टि तॊण्डमान् चक्कुरवर्तिरम्मन्न चोटिकि वच्चि नम्मिन वाडु ॥...
ऎक्कुव कुलजुडैन हीन कुलजुडैननिक्कमॆरिगिन महा नित्युडे घनुडु ॥ वेदमुलु चदिवियुनु विमुखुडै हरिभक्तियादरिञ्चनि सोमयाजि कण्टॆ ।एदियुनु लेनि कुल हीनुडैननु विष्णुपादमुलु सेविञ्चु भक्तुडे घनुडु ॥ परममगु वेदान्त...
मनुजुडै पुट्टि मनुजुनि सेविञ्चिअनुदिनमुनु दुःखमन्दनेला ॥ जुट्टॆडु कडुपुकै चॊरनि चोट्लु जॊच्चिपट्टॆडु कूटिकै बतिमालि ।पुट्टिन चोटिके पॊरलि मनसुवॆट्टिवट्टि लम्पटमु वदलनेरडुगान ॥ अन्दरिलो पुट्टि अन्दरिलो चेरिअन्दरि रूपमुलटु...
तन्दनान अहि, तन्दनान पुरॆतन्दनान भला, तन्दनान ॥ ब्रह्म मॊकटे, परब्रह्म मॊकटे, परब्रह्म मॊकटे, परब्रह्म मॊकटे ॥ कन्दुवगु हीनाधिकमु लिन्दु लेवुअन्दरिकि श्रीहरे अन्तरात्म ।इन्दुलो जन्तुकुल मन्ता...
रागं: मध्यमावति (22 खरहरप्रिय जन्य)आ: स रि2 म1 प द1 नि2 सअव: स नि2 प म1 रि2 सतालं: आदि पल्लविअदिवो अल्लदिवो श्री हरि वासमुपदिवेल शेषुल पडगल मयमु ॥ (2.5)...
रागं: बेहाग्/अहीर्भैरव्,सौराष्ट्र/रागमालिकआ: श् ऱ1 घ3 ं1 फ् ण2 ड2 ं1 फ् ड2 श्अव: श् ण2 ड2 फ् ं1 फ् घ3 ऱ1 श्तालं: रूपक/आदि पल्लविचन्दमाम रावो जाबिल्लि रावोकुन्दनपु पैडि कोर...