Shona
HomePosts tagged “Shona”Page 100
-
by
-
June 15, 2024
कलाभ्यां चूडालङ्कृतशशिकलाभ्यां निजतपः–फलाभ्यां भक्तेषु प्रकटितफलाभ्यां भवतु मे ।शिवाभ्यामस्तोकत्रिभुवनशिवाभ्यां हृदि पुन–र्भवाभ्यामानन्दस्फुरदनुभवाभ्यां नतिरियम् ॥ 1 ॥ गलन्ती शम्भो त्वच्चरितसरितः किल्बिषरजोदलन्ती धीकुल्यासरणिषु पतन्ती विजयताम् ।दिशन्ती संसारभ्रमणपरितापोपशमनंवसन्ती मच्चेतोह्रदभुवि शिवानन्दलहरी...
-
by
-
June 15, 2024
शिवोऽहं शिवोऽहं, शिवोऽहं शिवोऽहं, शिवोऽहं शिवोऽहं मनो बुध्यहङ्कार चित्तानि नाहंन च श्रोत्र जिह्वे न च घ्राणनेत्रे ।न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुःचिदानन्द रूपः शिवोऽहं...
-
by
-
June 15, 2024
ॐ नमः शिवाय शिवाय नमः ॐॐ नमः शिवाय शिवाय नमः ॐ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनायभस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।नित्याय शुद्धाय दिगम्बरायतस्मै “न” काराय नमः शिवाय ॥ 1 ॥ मन्दाकिनी...
-
by
-
June 15, 2024
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।त्रिजन्म पापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्छिद्रैः कोमलैः शुभैः ।तवपूजां करिष्यामि एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ कोटि कन्या महादानं तिलपर्वत कोटयः...
-
by
-
June 15, 2024
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिङ्गंनिर्मलभासित शोभित लिङ्गम् ।जन्मज दुःख विनाशक लिङ्गंतत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिङ्गंकामदहन करुणाकर लिङ्गम् ।रावण दर्प विनाशन लिङ्गंतत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्...
-
by
-
June 15, 2024
गङ्गा तरङ्ग रमणीय जटा कलापंगौरी निरन्तर विभूषित वाम भागंनारायण प्रियमनङ्ग मदापहारंवाराणसी पुरपतिं भज विश्वनाथम् ॥ 1 ॥ वाचामगोचरमनेक गुण स्वरूपंवागीश विष्णु सुर सेवित पाद पद्मंवामेण...
-
by
-
June 15, 2024
चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहिमाम् ।चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर रक्षमाम् ॥ रत्नसानु शरासनं रजताद्रि शृङ्ग निकेतनंशिञ्जिनीकृत पन्नगेश्वर मच्युतानल सायकम् ।क्षिप्रदग्द पुरत्रयं त्रिदशालयै-रभिवन्दितंचन्द्रशेखरमाश्रये मम किं करिष्यति वै यमः...
-
by
-
June 15, 2024
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम् ।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे ॥ 1 ॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालं महाकाल कालं गणेशादि...
-
by
-
June 15, 2024
प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथ नाथं सदानन्द भाजाम् ।भवद्भव्य भूतेश्वरं भूतनाथं, शिवं शङ्करं शम्भु मीशानमीडे ॥ 1 ॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालं महाकाल कालं गणेशादि...
-
by
-
June 15, 2024
ॐ अग्ना॑विष्णो स॒जोष॑से॒माव॑र्धन्तु वां॒ गिरः॑ । द्यु॒म्नैर्वाजे॑भि॒राग॑तम् । वाज॑श्च मे प्रस॒वश्च॑ मे॒ प्रय॑तिश्च मे॒ प्रसि॑तिश्च मे धी॒तिश्च॑ मे क्रतु॑श्च मे॒ स्वर॑श्च मे॒ श्लोक॑श्च मे श्रा॒वश्च॑...
Recent articles
-
May 27, 2024
-
May 27, 2024
-
May 27, 2024
-
May 27, 2024
- ANNAMAYYA KEERTHANAS 27
- Assamese 0
- Bengali 0
- Devanagari 0
- English 0
- Grantha 0
- Gujrati 0
- Hindi 0
- Kannada 0
- Konkani 0
- Malayalam 0
- Marathi 0
- Nepali 0
- Oriya 0
- Punjabi 0
- Sanskrit 0
- Sinhalaa 0
- sसुब्रह्मण्य स्वामि स्तोत्राणि 20
- Tamil 0
- Telugu 0
- Uncategorized 1
- Uncategorized 1
- Uncategorized 1
- Uncategorized 10
- Uncategorized 1
Important Links
© 2026 Amrita Nilayam. All Rights Reserved.