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করারবিংদেন পদারবিংদং মুখারবিংদে বিনিবেশযংতম্ ।বটস্য পত্রস্য পুটে শযানং বালং মুকুংদং মনসা স্মরামি ॥ 1 ॥ সংহৃত্য লোকান্বটপত্রমধ্যে শযানমাদ্যংতবিহীনরূপম্ ।সর্বেশ্বরং সর্বহিতাবতারং বালং মুকুংদং মনসা স্মরামি ॥...
କରାରଵିଂଦେନ ପଦାରଵିଂଦଂ ମୁଖାରଵିଂଦେ ଵିନିଵେଶୟଂତମ୍ ।ଵଟସ୍ୟ ପତ୍ରସ୍ୟ ପୁଟେ ଶୟାନଂ ବାଲଂ ମୁକୁଂଦଂ ମନସା ସ୍ମରାମି ॥ 1 ॥ ସଂହୃତ୍ୟ ଲୋକାନ୍ଵଟପତ୍ରମଧ୍ୟେ ଶୟାନମାଦ୍ୟଂତଵିହୀନରୂପମ୍ ।ସର୍ଵେଶ୍ଵରଂ ସର୍ଵହିତାଵତାରଂ ବାଲଂ ମୁକୁଂଦଂ ମନସା ସ୍ମରାମି ॥...
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् ।वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥ 1 ॥ संहृत्य लोकान्वटपत्रमध्ये शयानमाद्यन्तविहीनरूपम् ।सर्वेश्वरं सर्वहितावतारं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥...
करारविंदेन पदारविंदं मुखारविंदे विनिवेशयंतम् ।वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुंदं मनसा स्मरामि ॥ 1 ॥ संहृत्य लोकान्वटपत्रमध्ये शयानमाद्यंतविहीनरूपम् ।सर्वेश्वरं सर्वहितावतारं बालं मुकुंदं मनसा स्मरामि ॥...
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् ।वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥ 1 ॥ संहृत्य लोकान्वटपत्रमध्ये शयानमाद्यन्तविहीनरूपम् ।सर्वेश्वरं सर्वहितावतारं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥...
करारविंदेन पदारविंदं मुखारविंदे विनिवेशयंतम् ।वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुंदं मनसा स्मरामि ॥ 1 ॥ संहृत्य लोकान्वटपत्रमध्ये शयानमाद्यंतविहीनरूपम् ।सर्वेश्वरं सर्वहितावतारं बालं मुकुंदं मनसा स्मरामि ॥...
கராரவின்தே³ன பதா³ரவின்த³ம் முகா²ரவின்தே³ வினிவேஶயன்தம் ।வடஸ்ய பத்ரஸ்ய புடே ஶயானம் பா³லம் முகுன்த³ம் மனஸா ஸ்மராமி ॥ 1 ॥ ஸம்ஹ்ருத்ய லோகான்வடபத்ரமத்⁴யே ஶயானமாத்³யன்தவிஹீனரூபம் ।ஸர்வேஶ்வரம் ஸர்வஹிதாவதாரம் பா³லம் முகுன்த³ம் மனஸா ஸ்மராமி ॥...
करारविंदेन पदारविंदं मुखारविंदे विनिवेशयंतम् ।वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुंदं मनसा स्मरामि ॥ 1 ॥ संहृत्य लोकान्वटपत्रमध्ये शयानमाद्यंतविहीनरूपम् ।सर्वेश्वरं सर्वहितावतारं बालं मुकुंदं मनसा स्मरामि ॥...
કરારવિંદેન પદારવિંદં મુખારવિંદે વિનિવેશયંતમ્ ।વટસ્ય પત્રસ્ય પુટે શયાનં બાલં મુકુંદં મનસા સ્મરામિ ॥ 1 ॥ સંહૃત્ય લોકાન્વટપત્રમધ્યે શયાનમાદ્યંતવિહીનરૂપમ્ ।સર્વેશ્વરં સર્વહિતાવતારં બાલં મુકુંદં મનસા સ્મરામિ ॥...
করারবিংদেন পদারবিংদং মুখারবিংদে বিনিবেশযংতম্ ।বটস্য পত্রস্য পুটে শযানং বালং মুকুংদং মনসা স্মরামি ॥ 1 ॥ সংহৃত্য লোকান্বটপত্রমধ্যে শযানমাদ্যংতবিহীনরূপম্ ।সর্বেশ্বরং সর্বহিতাবতারং বালং মুকুংদং মনসা স্মরামি ॥...