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त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् ।त्रिजन्म पापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्छिद्रैः कोमलैः शुभैः ।तवपूजां करिष्यामि एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ कोटि कन्या महादानं तिलपर्वत कोटयः...
tridaḻaṃ triguṇākāraṃ trinētraṃ cha triyāyudham ।trijanma pāpasaṃhāraṃ ēkabilvaṃ śivārpaṇam ॥ triśākhaiḥ bilvapatraiścha achChidraiḥ kōmalaiḥ śubhaiḥ ।tavapūjāṃ kariṣyāmi ēkabilvaṃ śivārpaṇam ॥ kōṭi kanyā mahādānaṃ tilaparvata kōṭayaḥ...
ব্রহ্মমুরারি সুরার্চিত লিংগংনির্মলভাসিত শোভিত লিংগম্ ।জন্মজ দুঃখ বিনাশক লিংগংতত্প্রণমামি সদাশিব লিংগম্ ॥ 1 ॥ দেবমুনি প্রবরার্চিত লিংগংকামদহন করুণাকর লিংগম্ ।রাবণ দর্প বিনাশন লিংগংতত্প্রণমামি সদাশিব লিংগম্...
ବ୍ରହ୍ମମୁରାରି ସୁରାର୍ଚିତ ଲିଂଗଂନିର୍ମଲଭାସିତ ଶୋଭିତ ଲିଂଗମ୍ ।ଜନ୍ମଜ ଦୁଃଖ ଵିନାଶକ ଲିଂଗଂତତ୍ପ୍ରଣମାମି ସଦାଶିଵ ଲିଂଗମ୍ ॥ 1 ॥ ଦେଵମୁନି ପ୍ରଵରାର୍ଚିତ ଲିଂଗଂକାମଦହନ କରୁଣାକର ଲିଂଗମ୍ ।ରାଵଣ ଦର୍ପ ଵିନାଶନ ଲିଂଗଂତତ୍ପ୍ରଣମାମି ସଦାଶିଵ ଲିଂଗମ୍...
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिङ्गंनिर्मलभासित शोभित लिङ्गम् ।जन्मज दुःख विनाशक लिङ्गंतत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिङ्गंकामदहन करुणाकर लिङ्गम् ।रावण दर्प विनाशन लिङ्गंतत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्...
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगंनिर्मलभासित शोभित लिंगम् ।जन्मज दुःख विनाशक लिंगंतत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिंगंकामदहन करुणाकर लिंगम् ।रावण दर्प विनाशन लिंगंतत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्...
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिङ्गंनिर्मलभासित शोभित लिङ्गम् ।जन्मज दुःख विनाशक लिङ्गंतत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिङ्गंकामदहन करुणाकर लिङ्गम् ।रावण दर्प विनाशन लिङ्गंतत्प्रणमामि सदाशिव लिङ्गम्...
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगंनिर्मलभासित शोभित लिंगम् ।जन्मज दुःख विनाशक लिंगंतत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिंगंकामदहन करुणाकर लिंगम् ।रावण दर्प विनाशन लिंगंतत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्...
ப்³ரஹ்மமுராரி ஸுரார்சித லிங்க³ம்நிர்மலபா⁴ஸித ஶோபி⁴த லிங்க³ம் ।ஜன்மஜ து³:க² வினாஶக லிங்க³ம்தத்ப்ரணமாமி ஸதா³ஶிவ லிங்க³ம் ॥ 1 ॥ தே³வமுனி ப்ரவரார்சித லிங்க³ம்காமத³ஹன கருணாகர லிங்க³ம் ।ராவண த³ர்ப வினாஶன லிங்க³ம்தத்ப்ரணமாமி ஸதா³ஶிவ லிங்க³ம்...
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगंनिर्मलभासित शोभित लिंगम् ।जन्मज दुःख विनाशक लिंगंतत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥ 1 ॥ देवमुनि प्रवरार्चित लिंगंकामदहन करुणाकर लिंगम् ।रावण दर्प विनाशन लिंगंतत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्...