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প্রথম ভাগঃ – আনংদ লহরি ভুমৌস্খলিত পাদানাং ভূমিরেবা বলংবনম্ ।ত্বযী জাতা পরাধানাং ত্বমেব শরণং শিবে ॥ শিবঃ শক্ত্যা যুক্তো যদি ভবতি শক্তঃ প্রভবিতুংন চেদেবং দেবো...
ପ୍ରଥମ ଭାଗଃ – ଆନଂଦ ଲହରି ଭୁମୌସ୍ଖଲିତ ପାଦାନାଂ ଭୂମିରେଵା ଵଲଂବନମ୍ ।ତ୍ଵୟୀ ଜାତା ପରାଧାନାଂ ତ୍ଵମେଵ ଶରଣଂ ଶିଵେ ॥ ଶିଵଃ ଶକ୍ତ୍ୟା ୟୁକ୍ତୋ ୟଦି ଭଵତି ଶକ୍ତଃ ପ୍ରଭଵିତୁଂନ ଚେଦେଵଂ ଦେଵୋ...
प्रथम भागः – आनन्द लहरि भुमौस्खलित पादानां भूमिरेवा वलम्बनम् ।त्वयी जाता पराधानां त्वमेव शरणं शिवे ॥ शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुंन चेदेवं देवो...
प्रथम भागः – आनंद लहरि भुमौस्खलित पादानां भूमिरेवा वलंबनम् ।त्वयी जाता पराधानां त्वमेव शरणं शिवे ॥ शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुंन चेदेवं देवो...
प्रथम भागः – आनन्द लहरि भुमौस्खलित पादानां भूमिरेवा वलम्बनम् ।त्वयी जाता पराधानां त्वमेव शरणं शिवे ॥ शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुंन चेदेवं देवो...
प्रथम भागः – आनंद लहरि भुमौस्खलित पादानां भूमिरेवा वलंबनम् ।त्वयी जाता पराधानां त्वमेव शरणं शिवे ॥ शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुंन चेदेवं देवो...
ப்ரத²ம பா⁴க:³ – ஆனந்த³ லஹரி பு⁴மௌஸ்க²லித பாதா³னாம் பூ⁴மிரேவா வலம்ப³னம் ।த்வயீ ஜாதா பராதா⁴னாம் த்வமேவ ஶரணம் ஶிவே ॥ ஶிவ: ஶக்த்யா யுக்தோ யதி³ ப⁴வதி ஶக்த: ப்ரப⁴விதும்ந சேதே³வம் தே³வோ...
प्रथम भागः – आनंद लहरि भुमौस्खलित पादानां भूमिरेवा वलंबनम् ।त्वयी जाता पराधानां त्वमेव शरणं शिवे ॥ शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुंन चेदेवं देवो...
પ્રથમ ભાગઃ – આનંદ લહરિ ભુમૌસ્ખલિત પાદાનાં ભૂમિરેવા વલંબનમ્ ।ત્વયી જાતા પરાધાનાં ત્વમેવ શરણં શિવે ॥ શિવઃ શક્ત્યા યુક્તો યદિ ભવતિ શક્તઃ પ્રભવિતુંન ચેદેવં દેવો...
প্রথম ভাগঃ – আনংদ লহরি ভুমৌস্খলিত পাদানাং ভূমিরেবা বলংবনম্ ।ত্বযী জাতা পরাধানাং ত্বমেব শরণং শিবে ॥ শিবঃ শক্ত্যা যুক্তো যদি ভবতি শক্তঃ প্রভবিতুংন চেদেবং দেবো...