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August 30, 2024
(ব্রহ্মবৈবর্ত মহাপুরাণাংতর্গতং) ভৃগুরুবাচ ।ব্রহ্মন্ব্রহ্মবিদাংশ্রেষ্ঠ ব্রহ্মজ্ঞানবিশারদ ।সর্বজ্ঞ সর্বজনক সর্বপূজকপূজিত ॥ 60 সরস্বত্যাশ্চ কবচং ব্রূহি বিশ্বজযং প্রভো ।অযাতযামমংত্রাণাং সমূহো যত্র সংযুতঃ ॥ 61 ॥ ব্রহ্মোবাচ ।শৃণু বত্স...
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August 30, 2024
(ବ୍ରହ୍ମଵୈଵର୍ତ ମହାପୁରାଣାଂତର୍ଗତଂ) ଭୃଗୁରୁଵାଚ ।ବ୍ରହ୍ମନ୍ବ୍ରହ୍ମଵିଦାଂଶ୍ରେଷ୍ଠ ବ୍ରହ୍ମଜ୍ଞାନଵିଶାରଦ ।ସର୍ଵଜ୍ଞ ସର୍ଵଜନକ ସର୍ଵପୂଜକପୂଜିତ ॥ 60 ସରସ୍ଵତ୍ୟାଶ୍ଚ କଵଚଂ ବ୍ରୂହି ଵିଶ୍ଵଜୟଂ ପ୍ରଭୋ ।ଅୟାତୟାମମଂତ୍ରାଣାଂ ସମୂହୋ ୟତ୍ର ସଂୟୁତଃ ॥ 61 ॥ ବ୍ରହ୍ମୋଵାଚ ।ଶୃଣୁ ଵତ୍ସ...
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August 30, 2024
(ब्रह्मवैवर्त महापुराणान्तर्गतं) भृगुरुवाच ।ब्रह्मन्ब्रह्मविदांश्रेष्ठ ब्रह्मज्ञानविशारद ।सर्वज्ञ सर्वजनक सर्वपूजकपूजित ॥ 60 सरस्वत्याश्च कवचं ब्रूहि विश्वजयं प्रभो ।अयातयाममन्त्राणां समूहो यत्र संयुतः ॥ 61 ॥ ब्रह्मोवाच ।शृणु वत्स...
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August 30, 2024
(ब्रह्मवैवर्त महापुराणांतर्गतं) भृगुरुवाच ।ब्रह्मन्ब्रह्मविदांश्रेष्ठ ब्रह्मज्ञानविशारद ।सर्वज्ञ सर्वजनक सर्वपूजकपूजित ॥ 60 सरस्वत्याश्च कवचं ब्रूहि विश्वजयं प्रभो ।अयातयाममंत्राणां समूहो यत्र संयुतः ॥ 61 ॥ ब्रह्मोवाच ।शृणु वत्स...
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(ब्रह्मवैवर्त महापुराणान्तर्गतं) भृगुरुवाच ।ब्रह्मन्ब्रह्मविदांश्रेष्ठ ब्रह्मज्ञानविशारद ।सर्वज्ञ सर्वजनक सर्वपूजकपूजित ॥ 60 सरस्वत्याश्च कवचं ब्रूहि विश्वजयं प्रभो ।अयातयाममन्त्राणां समूहो यत्र संयुतः ॥ 61 ॥ ब्रह्मोवाच ।शृणु वत्स...
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(ब्रह्मवैवर्त महापुराणांतर्गतं) भृगुरुवाच ।ब्रह्मन्ब्रह्मविदांश्रेष्ठ ब्रह्मज्ञानविशारद ।सर्वज्ञ सर्वजनक सर्वपूजकपूजित ॥ 60 सरस्वत्याश्च कवचं ब्रूहि विश्वजयं प्रभो ।अयातयाममंत्राणां समूहो यत्र संयुतः ॥ 61 ॥ ब्रह्मोवाच ।शृणु वत्स...
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August 30, 2024
(ப்³ரஹ்மவைவர்த மஹாபுராணான்தர்க³தம்) ப்⁴ருகு³ருவாச ।ப்³ரஹ்மன்ப்³ரஹ்மவிதா³ம்ஶ்ரேஷ்ட² ப்³ரஹ்மஜ்ஞானவிஶாரத³ ।ஸர்வஜ்ஞ ஸர்வஜனக ஸர்வபூஜகபூஜித ॥ 6௦ ஸரஸ்வத்யாஶ்ச கவசம் ப்³ரூஹி விஶ்வஜயம் ப்ரபோ⁴ ।அயாதயாமமன்த்ராணாம் ஸமூஹோ யத்ர ஸம்யுத: ॥ 61 ॥ ப்³ரஹ்மோவாச ।ஶ்ருணு வத்ஸ...
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August 30, 2024
(ब्रह्मवैवर्त महापुराणांतर्गतं) भृगुरुवाच ।ब्रह्मन्ब्रह्मविदांश्रेष्ठ ब्रह्मज्ञानविशारद ।सर्वज्ञ सर्वजनक सर्वपूजकपूजित ॥ 60 सरस्वत्याश्च कवचं ब्रूहि विश्वजयं प्रभो ।अयातयाममंत्राणां समूहो यत्र संयुतः ॥ 61 ॥ ब्रह्मोवाच ।शृणु वत्स...
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August 30, 2024
(બ્રહ્મવૈવર્ત મહાપુરાણાંતર્ગતં) ભૃગુરુવાચ ।બ્રહ્મન્બ્રહ્મવિદાંશ્રેષ્ઠ બ્રહ્મજ્ઞાનવિશારદ ।સર્વજ્ઞ સર્વજનક સર્વપૂજકપૂજિત ॥ 60 સરસ્વત્યાશ્ચ કવચં બ્રૂહિ વિશ્વજયં પ્રભો ।અયાતયામમંત્રાણાં સમૂહો યત્ર સંયુતઃ ॥ 61 ॥ બ્રહ્મોવાચ ।શૃણુ વત્સ...
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August 30, 2024
(ব্রহ্মবৈবর্ত মহাপুরাণাংতর্গতং) ভৃগুরুবাচ ।ব্রহ্মন্ব্রহ্মবিদাংশ্রেষ্ঠ ব্রহ্মজ্ঞানবিশারদ ।সর্বজ্ঞ সর্বজনক সর্বপূজকপূজিত ॥ 60 সরস্বত্যাশ্চ কবচং ব্রূহি বিশ্বজযং প্রভো ।অযাতযামমংত্রাণাং সমূহো যত্র সংযুতঃ ॥ 61 ॥ ব্রহ্মোবাচ ।শৃণু বত্স...
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