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June 21, 2024
श्रीमान्वेङ्कटनाथार्य कवितार्किक केसरि ।वेदान्ताचार्यवर्योमे सन्निधत्तां सदाहृदि ॥ जयत्याश्रित सन्त्रास ध्वान्त विध्वंसनोदयः ।प्रभावान् सीतया देव्या परमव्योम भास्करः ॥ जय जय महावीर महाधीर धौरेय,देवासुर समर समय समुदित...
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June 21, 2024
श्रीमान्वेंकटनाथार्य कवितार्किक केसरि ।वेदांताचार्यवर्योमे सन्निधत्तां सदाहृदि ॥ जयत्याश्रित संत्रास ध्वांत विध्वंसनोदयः ।प्रभावान् सीतया देव्या परमव्योम भास्करः ॥ जय जय महावीर महाधीर धौरेय,देवासुर समर समय समुदित...
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June 21, 2024
श्रीमान्वेङ्कटनाथार्य कवितार्किक केसरि ।वेदान्ताचार्यवर्योमे सन्निधत्तां सदाहृदि ॥ जयत्याश्रित सन्त्रास ध्वान्त विध्वंसनोदयः ।प्रभावान् सीतया देव्या परमव्योम भास्करः ॥ जय जय महावीर महाधीर धौरेय,देवासुर समर समय समुदित...
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June 21, 2024
श्रीमान्वेंकटनाथार्य कवितार्किक केसरि ।वेदांताचार्यवर्योमे सन्निधत्तां सदाहृदि ॥ जयत्याश्रित संत्रास ध्वांत विध्वंसनोदयः ।प्रभावान् सीतया देव्या परमव्योम भास्करः ॥ जय जय महावीर महाधीर धौरेय,देवासुर समर समय समुदित...
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June 21, 2024
ஶ்ரீமான்வேங்கடனாதா²ர்ய கவிதார்கிக கேஸரி ।வேதா³ன்தாசார்யவர்யோமே ஸன்னித⁴த்தாம் ஸதா³ஹ்ருதி³ ॥ ஜயத்யாஶ்ரித ஸன்த்ராஸ த்⁴வான்த வித்⁴வம்ஸனோத³ய: ।ப்ரபா⁴வான் ஸீதயா தே³வ்யா பரமவ்யோம பா⁴ஸ்கர: ॥ ஜய ஜய மஹாவீர மஹாதீ⁴ர தௌ⁴ரேய,தே³வாஸுர ஸமர ஸமய ஸமுதி³த...
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June 21, 2024
श्रीमान्वेंकटनाथार्य कवितार्किक केसरि ।वेदांताचार्यवर्योमे सन्निधत्तां सदाहृदि ॥ जयत्याश्रित संत्रास ध्वांत विध्वंसनोदयः ।प्रभावान् सीतया देव्या परमव्योम भास्करः ॥ जय जय महावीर महाधीर धौरेय,देवासुर समर समय समुदित...
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June 21, 2024
શ્રીમાન્વેંકટનાથાર્ય કવિતાર્કિક કેસરિ ।વેદાંતાચાર્યવર્યોમે સન્નિધત્તાં સદાહૃદિ ॥ જયત્યાશ્રિત સંત્રાસ ધ્વાંત વિધ્વંસનોદયઃ ।પ્રભાવાન્ સીતયા દેવ્યા પરમવ્યોમ ભાસ્કરઃ ॥ જય જય મહાવીર મહાધીર ધૌરેય,દેવાસુર સમર સમય સમુદિત...
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June 21, 2024
কৃষ্ণ যজুর্বেদীয তৈত্তিরীয সংহিতাযাং সপ্তমকাণ্ডে পঞ্চমঃ প্রশ্নঃ – সত্রবিশেষাভিধানং ও-ন্নমঃ পরমাত্মনে, শ্রী মহাগণপতযে নমঃ,শ্রী গুরুভ্যো নমঃ । হ॒রিঃ॒ ওম্ ॥ গাবো॒ বা এ॒ত-থ্স॒ত্র-মা॑সতাশৃ॒ঙ্গা-স্স॒তী-শ্শৃঙ্গা॑ণি নো জাযন্তা॒...
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June 21, 2024
শ্রীমান্বেংকটনাথার্য কবিতার্কিক কেসরি ।বেদাংতাচার্যবর্যোমে সন্নিধত্তাং সদাহৃদি ॥ জযত্যাশ্রিত সংত্রাস ধ্বাংত বিধ্বংসনোদযঃ ।প্রভাবান্ সীতযা দেব্যা পরমব্যোম ভাস্করঃ ॥ জয জয মহাবীর মহাধীর ধৌরেয,দেবাসুর সমর সময সমুদিত...
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June 21, 2024
କୃଷ୍ଣ ୟଜୁର୍ଵେଦୀୟ ତୈତ୍ତିରୀୟ ସଂହିତାୟାଂ ସପ୍ତମକାଣ୍ଡେ ପଞ୍ଚମଃ ପ୍ରଶ୍ନଃ – ସତ୍ରଵିଶେଷାଭିଧାନଂ ଓ-ନ୍ନମଃ ପରମାତ୍ମନେ, ଶ୍ରୀ ମହାଗଣପତୟେ ନମଃ,ଶ୍ରୀ ଗୁରୁଭ୍ୟୋ ନମଃ । ହ॒ରିଃ॒ ଓମ୍ ॥ ଗାଵୋ॒ ଵା ଏ॒ତ-ଥ୍ସ॒ତ୍ର-ମା॑ସତାଶୃ॒ଙ୍ଗା-ସ୍ସ॒ତୀ-ଶ୍ଶୃଙ୍ଗା॑ଣି ନୋ ଜାୟନ୍ତା॒...
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