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నామ్నాం సాష్టసహస్రంచ బ్రూహి గార్గ్య మహామతే ।మహాలక్ష్మ్యా మహాదేవ్యా భుక్తిముక్త్యర్థసిద్ధయే ॥ 1 ॥ గార్గ్య ఉవాచసనత్కుమారమాసీనం ద్వాదశాదిత్యసన్నిభమ్ ।అపృచ్ఛన్యోగినో భక్త్యా యోగినామర్థసిద్ధయే ॥ 2 ॥ సర్వలౌకికకర్మభ్యో విముక్తానాం హితాయ వై ।భుక్తిముక్తిప్రదం...
नाम्नां साष्टसहस्रंच ब्रूहि गार्ग्य महामते ।महालक्ष्म्या महादेव्या भुक्तिमुक्त्यर्थसिद्धये ॥ 1 ॥ गार्ग्य उवाचसनत्कुमारमासीनं द्वादशादित्यसन्निभम् ।अपृच्छन्योगिनो भक्त्या योगिनामर्थसिद्धये ॥ 2 ॥ सर्वलौकिककर्मभ्यो विमुक्तानां हिताय वै ।भुक्तिमुक्तिप्रदं...
nāmnāṃ sāṣṭasahasrañcha brūhi gārgya mahāmatē ।mahālakṣmyā mahādēvyā bhuktimuktyarthasiddhayē ॥ 1 ॥ gārgya uvāchasanatkumāramāsīnaṃ dvādaśādityasannibham ।apṛchChanyōginō bhaktyā yōgināmarthasiddhayē ॥ 2 ॥ sarvalaukikakarmabhyō vimuktānāṃ hitāya vai ।bhuktimuktipradaṃ...
ක්ෂමස්ව භගවත්යංබ ක්ෂමා ශීලේ පරාත්පරේ।ශුද්ධ සත්ව ස්වරූපේච කෝපාදි පරි වර්ජිතේ॥ උපමේ සර්ව සාධ්වීනාං දේවීනාං දේව පූජිතේ।ත්වයා විනා ජගත්සර්වං මෘත තුල්යංච නිෂ්ඵලම්। සර්ව සංපත්ස්වරූපාත්වං සර්වේෂාං සර්ව...
ক্ষমস্ব ভগবত্যংব ক্ষমা শীলে পরাত্পরে।শুদ্ধ সত্ব স্বরূপেচ কোপাদি পরি বর্জিতে॥ উপমে সর্ব সাধ্বীনাং দেবীনাং দেব পূজিতে।ত্বযা বিনা জগত্সর্বং মৃত তুল্যংচ নিষ্ফলম্। সর্ব সংপত্স্বরূপাত্বং সর্বেষাং সর্ব...
କ୍ଷମସ୍ଵ ଭଗଵତ୍ୟଂବ କ୍ଷମା ଶୀଲେ ପରାତ୍ପରେ।ଶୁଦ୍ଧ ସତ୍ଵ ସ୍ଵରୂପେଚ କୋପାଦି ପରି ଵର୍ଜିତେ॥ ଉପମେ ସର୍ଵ ସାଧ୍ଵୀନାଂ ଦେଵୀନାଂ ଦେଵ ପୂଜିତେ।ତ୍ଵୟା ଵିନା ଜଗତ୍ସର୍ଵଂ ମୃତ ତୁଲ୍ୟଂଚ ନିଷ୍ଫଲମ୍। ସର୍ଵ ସଂପତ୍ସ୍ଵରୂପାତ୍ଵଂ ସର୍ଵେଷାଂ ସର୍ଵ...
क्षमस्व भगवत्यम्ब क्षमा शीले परात्परे।शुद्ध सत्व स्वरूपेच कोपादि परि वर्जिते॥ उपमे सर्व साध्वीनां देवीनां देव पूजिते।त्वया विना जगत्सर्वं मृत तुल्यञ्च निष्फलम्। सर्व सम्पत्स्वरूपात्वं सर्वेषां सर्व...
क्षमस्व भगवत्यंब क्षमा शीले परात्परे।शुद्ध सत्व स्वरूपेच कोपादि परि वर्जिते॥ उपमे सर्व साध्वीनां देवीनां देव पूजिते।त्वया विना जगत्सर्वं मृत तुल्यंच निष्फलम्। सर्व संपत्स्वरूपात्वं सर्वेषां सर्व...
क्षमस्व भगवत्यम्ब क्षमा शीले परात्परे।शुद्ध सत्व स्वरूपेच कोपादि परि वर्जिते॥ उपमे सर्व साध्वीनां देवीनां देव पूजिते।त्वया विना जगत्सर्वं मृत तुल्यञ्च निष्फलम्। सर्व सम्पत्स्वरूपात्वं सर्वेषां सर्व...
क्षमस्व भगवत्यंब क्षमा शीले परात्परे।शुद्ध सत्व स्वरूपेच कोपादि परि वर्जिते॥ उपमे सर्व साध्वीनां देवीनां देव पूजिते।त्वया विना जगत्सर्वं मृत तुल्यंच निष्फलम्। सर्व संपत्स्वरूपात्वं सर्वेषां सर्व...