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नमामीशमीशान निर्वाणरूपंविभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ।निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहंचिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ 1 ॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयंगिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम् ।करालं महाकालकालं कृपालुंगुणागारसंसारपारं नतोऽहम् ॥ 2 ॥ तुषाराद्रिसंकाशगौरं गभीरंमनोभूतकोटिप्रभासी शरीरम्...
namāmīśamīśāna nirvāṇarūpaṃvibhuṃ vyāpakaṃ brahmavēdasvarūpam ।nijaṃ nirguṇaṃ nirvikalpaṃ nirīhaṃchidākāśamākāśavāsaṃ bhajē’ham ॥ 1 ॥ nirākāramōṅkāramūlaṃ turīyaṃgirājñānagōtītamīśaṃ girīśam ।karālaṃ mahākālakālaṃ kṛpāluṃguṇāgārasaṃsārapāraṃ natō’ham ॥ 2 ॥ tuṣārādrisaṅkāśagauraṃ gabhīraṃmanōbhūtakōṭiprabhāsī śarīram...
শাংতিপাঠঃওং যো ব্রহ্মাণং বিদধাতি পূর্বংযো বৈ বেদাংশ্চ প্রহিণোতি তস্মৈ ।তং হ দেবমাত্মবুদ্ধিপ্রকাশংমুমুক্ষুর্বৈ শরণমহং প্রপদ্যে ॥ ধ্যানম্ওং মৌনব্যাখ্যা প্রকটিত পরব্রহ্মতত্ত্বং যুবানংবর্ষিষ্ঠাংতে বসদৃষিগণৈরাবৃতং ব্রহ্মনিষ্ঠৈঃ ।আচার্যেংদ্রং করকলিত চিন্মুদ্রমানংদমূর্তিংস্বাত্মারামং...
ଶାଂତିପାଠଃଓଂ ୟୋ ବ୍ରହ୍ମାଣଂ ଵିଦଧାତି ପୂର୍ଵଂୟୋ ଵୈ ଵେଦାଂଶ୍ଚ ପ୍ରହିଣୋତି ତସ୍ମୈ ।ତଂ ହ ଦେଵମାତ୍ମବୁଦ୍ଧିପ୍ରକାଶଂମୁମୁକ୍ଷୁର୍ଵୈ ଶରଣମହଂ ପ୍ରପଦ୍ୟେ ॥ ଧ୍ୟାନମ୍ଓଂ ମୌନଵ୍ୟାଖ୍ୟା ପ୍ରକଟିତ ପରବ୍ରହ୍ମତତ୍ତ୍ଵଂ ୟୁଵାନଂଵର୍ଷିଷ୍ଠାଂତେ ଵସଦୃଷିଗଣୈରାଵୃତଂ ବ୍ରହ୍ମନିଷ୍ଠୈଃ ।ଆଚାର୍ୟେଂଦ୍ରଂ କରକଲିତ ଚିନ୍ମୁଦ୍ରମାନଂଦମୂର୍ତିଂସ୍ଵାତ୍ମାରାମଂ...
शान्तिपाठःॐ यो ब्रह्माणं विदधाति पूर्वंयो वै वेदांश्च प्रहिणोति तस्मै ।तं ह देवमात्मबुद्धिप्रकाशंमुमुक्षुर्वै शरणमहं प्रपद्ये ॥ ध्यानम्ॐ मौनव्याख्या प्रकटित परब्रह्मतत्त्वं युवानंवर्षिष्ठान्ते वसदृषिगणैरावृतं ब्रह्मनिष्ठैः ।आचार्येन्द्रं करकलित चिन्मुद्रमानन्दमूर्तिंस्वात्मारामं...
शांतिपाठःॐ यो ब्रह्माणं विदधाति पूर्वंयो वै वेदांश्च प्रहिणोति तस्मै ।तं ह देवमात्मबुद्धिप्रकाशंमुमुक्षुर्वै शरणमहं प्रपद्ये ॥ ध्यानम्ॐ मौनव्याख्या प्रकटित परब्रह्मतत्त्वं युवानंवर्षिष्ठांते वसदृषिगणैरावृतं ब्रह्मनिष्ठैः ।आचार्येंद्रं करकलित चिन्मुद्रमानंदमूर्तिंस्वात्मारामं...
शान्तिपाठःॐ यो ब्रह्माणं विदधाति पूर्वंयो वै वेदांश्च प्रहिणोति तस्मै ।तं ह देवमात्मबुद्धिप्रकाशंमुमुक्षुर्वै शरणमहं प्रपद्ये ॥ ध्यानम्ॐ मौनव्याख्या प्रकटित परब्रह्मतत्त्वं युवानंवर्षिष्ठान्ते वसदृषिगणैरावृतं ब्रह्मनिष्ठैः ।आचार्येन्द्रं करकलित चिन्मुद्रमानन्दमूर्तिंस्वात्मारामं...
शांतिपाठःॐ यो ब्रह्माणं विदधाति पूर्वंयो वै वेदांश्च प्रहिणोति तस्मै ।तं ह देवमात्मबुद्धिप्रकाशंमुमुक्षुर्वै शरणमहं प्रपद्ये ॥ ध्यानम्ॐ मौनव्याख्या प्रकटित परब्रह्मतत्त्वं युवानंवर्षिष्ठांते वसदृषिगणैरावृतं ब्रह्मनिष्ठैः ।आचार्येंद्रं करकलित चिन्मुद्रमानंदमूर्तिंस्वात्मारामं...
ஶான்திபாட:²ஓம் யோ ப்³ரஹ்மாணம் வித³தா⁴தி பூர்வம்யோ வை வேதா³ம்ஶ்ச ப்ரஹிணோதி தஸ்மை ।தம் ஹ தே³வமாத்மபு³த்³தி⁴ப்ரகாஶம்முமுக்ஷுர்வை ஶரணமஹம் ப்ரபத்³யே ॥ த்⁴யானம்ஓம் மௌனவ்யாக்²யா ப்ரகடித பரப்³ரஹ்மதத்த்வம் யுவானம்வர்ஷிஷ்டா²ன்தே வஸத்³ருஷிக³ணைராவ்ருதம் ப்³ரஹ்மனிஷ்டை²: ।ஆசார்யேன்த்³ரம் கரகலித சின்முத்³ரமானந்த³மூர்திம்ஸ்வாத்மாராமம்...
शांतिपाठःॐ यो ब्रह्माणं विदधाति पूर्वंयो वै वेदांश्च प्रहिणोति तस्मै ।तं ह देवमात्मबुद्धिप्रकाशंमुमुक्षुर्वै शरणमहं प्रपद्ये ॥ ध्यानम्ॐ मौनव्याख्या प्रकटित परब्रह्मतत्त्वं युवानंवर्षिष्ठांते वसदृषिगणैरावृतं ब्रह्मनिष्ठैः ।आचार्येंद्रं करकलित चिन्मुद्रमानंदमूर्तिंस्वात्मारामं...